एक से बढ़कर एक जड़ी बूटियों का खजाना है बस्तर का जंगल

छत्तीसगढ़ जिसे धान के कटोरा के नाम से जाना जाता है यह अपने अनोखे संस्कृति के नाम से भी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है इसके अलावा छत्तीसगढ़ जड़ी बूटियों के नाम से भी मशहूर है इनमें छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक से बढ़कर एक ऐसी ऐसी जड़ी बूटियां मिलते हैं जिनके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है यहां शरीर के विभिन्न प्रकार की बीमारियों के लिए अलग-अलग प्रकार की ऐसी ऐसी जड़ी बूटियां मिलती हैं

जो विश्व में कहीं नहीं मिलती बस्तर क्षेत्र के आदिवासी इन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल अपने उपचार के लिए करते रहते हैं इसलिए यहां के आदिवासी हॉस्पिटल बहुत कम ही जाते हैं क्योंकि यहां के आदिवासी बहुत ही सीधे-साधे होते हैं जिनके लिए जंगल है उनका सब कुछ है बस्तर के आदिवासी बस्तर के जंगल के भरोसे ही अपनी जिंदगी बिताते हैं और इन जंगलों के भरोसे ही जिंदा रहते हैं और इन जंगलों में मिलने वाले विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों को वहां के सप्ताहिक बाजार में बेचकर अपना जीवन यापन करते रहते हैं

इन जड़ी बूटियों में पैर की हड्डियों से लेकर शरीर की विभिन्न प्रकार के चर्म रोगों मुंह के दांतो शुगर ब्लड प्रेशर पैरालिसिस जैसे बीमारियों के जड़ी बूटियां आसानी से मिल जाते हैं इसके अलावा इन जंगलों में और भी बहुत से शरीर के गंभीर रोगों के जड़ी बूटियां भी उपलब्ध हैं लेकिन बस्तर के नक्सलियों के कारण बहुत सी जड़ी बूटियों पर अभी रिसर्च नहीं हो पाया है जिन पर रिसर्च होना बाकी है जो यहां के खूंखार नक्सलियों के नाम से रुका हुआ है ऐसा माना जाता है कि इन जंगलों में ऐसी ऐसी जड़ी बूटियां हैं जो विश्व के बहुत सी लाइलाज बीमारियों में मदद करने में सफलता हासिल कर सकती है

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